यमुना घाट पर छठ पूजा 2025: आस्था और परंपरा का संगम
2025 में, यमुना घाट पर छठ पूजा का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें दिल्ली एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों से आए हजारों व्रतियों ने भाग लिया। यह उन लोगों के लिए एक विशेष अवसर था जो अपने घरों से दूर थे और अपनी परंपराओं को जीवित रखना चाहते थे। छठ पूजा, सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित, एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है, खासकर बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में। यमुना घाट पर इस पूजा का आयोजन एकता और सहयोग का प्रतीक बना।
छठ पूजा 2025: एक टाइमलाइन
- सुबह की शुरुआत: व्रतियों ने यमुना नदी में स्नान किया और सूर्य देव को अर्घ्य देने की तैयारी की।
- यमुना घाट पर आयोजन: कालिंदी कुंज के पास यमुना घाट पर विशेष व्यवस्था की गई थी, जहाँ व्रतियों ने एकत्रित होकर पूजा-अर्चना की।
- सोसायटियों में आयोजन: कई सोसायटियों ने छतों और पार्कों में भी छठ पूजा का आयोजन किया, जिससे लोगों को घर जैसा माहौल मिला।
- निर्जला उपवास: व्रतियों ने निर्जला उपवास रखा और छठी मैया की जयकार की।
- प्रशासन का सहयोग: प्रशासन और स्थानीय समितियों ने मिलकर भव्य आयोजन किया, जिसमें सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे।
वीडियो: छठ के रंग में रंग गया नोएडा - यमुना घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़
वर्तमान स्थिति: एकता और सहयोग का प्रतीक
छठ पूजा न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि यह एकता और सहयोग का भी प्रतीक है। यमुना घाट पर हुए इस आयोजन में सभी धर्मों और समुदायों के लोगों ने भाग लिया, जिससे सामाजिक सद्भाव का संदेश गया। नोएडा जैसे शहरों में भी लोगों ने अपनी परंपराओं को जीवित रखा, जो एक सराहनीय पहल है।
भविष्य की योजनाएं: और भी भव्य आयोजन
स्थानीय समितियों और प्रशासन ने भविष्य में भी छठ पूजा को और भी भव्य तरीके से आयोजित करने की योजना बनाई है। यमुना घाट को और भी बेहतर बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि व्रतियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सुरक्षा के इंतजामों को और भी मजबूत किया जाएगा, ताकि सभी लोग शांतिपूर्वक पूजा कर सकें। छठ पूजा 2025 यमुना घाट पर एक यादगार अनुभव रहा, और भविष्य में भी यह परंपरा जारी रहेगी।
छठ पूजा 2025 में यमुना घाट पर एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जहाँ आस्था और परंपरा का संगम हुआ। यह आयोजन उन लोगों के लिए एक प्रेरणा है जो अपनी संस्कृति और मूल्यों को जीवित रखना चाहते हैं।
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