Cyber Crime Breaking News 2025: Festival Alert!

Cyber Crime Breaking News 2025: Festival Alert!

तकनीक, साइबर सुरक्षा, अपराध
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2025 में त्योहारों के मौसम में साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहें। अनजान लिंक न खोलें और सुरक्षा उपायों का पालन करें।

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2025-11-08 4 min read 1 views
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Cyber Crime Breaking News 2025: Festival Alert!

त्योहारों के मौसम में साइबर ठग 2025 में और भी सक्रिय हो गए हैं, जो आकर्षक ऑफ़र और नकली योजनाओं के माध्यम से लोगों को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। मुंबई और अन्य शहरों में, साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। यह लेख साइबर ठगी के विभिन्न पहलुओं और उनसे बचने के उपायों पर प्रकाश डालता है।

साइबर ठगी: एक अवलोकन

त्योहारों के दौरान, साइबर अपराधी ईमेल, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लुभावने ऑफ़र भेजते हैं। इन ऑफ़रों में रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, दशहरा और दीवाली जैसे त्योहारों के नाम पर शानदार छूट और उपहारों का वादा किया जाता है। इन ऑफ़रों के साथ एक लिंक दिया जाता है, जिस पर क्लिक करने से रैंसमवेयर जैसे वायरस कंप्यूटर या मोबाइल डिवाइस में डाउनलोड हो जाते हैं। यह वायरस डेटा को लॉक कर देते हैं, और फिरौती की मांग की जाती है। यह साइबर ठगी का एक आम तरीका है, जिससे लोगों को भारी नुकसान हो रहा है। मुंबई में पिछले सात महीनों में 150 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।

विभिन्न दृष्टिकोण

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि साइबर ठगी के मामलों में वृद्धि का मुख्य कारण लोगों में जागरूकता की कमी है। कई लोग अनजान लिंक और अटैचमेंट पर क्लिक कर देते हैं, जिससे उनके डिवाइस में वायरस आ जाते हैं। इसके अलावा, कमजोर पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग न करना भी साइबर हमलों का कारण बनता है। सरकार और साइबर सुरक्षा एजेंसियां लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न अभियान चला रही हैं, लेकिन अभी भी बहुत कुछ करने की आवश्यकता है।

तुलनात्मक विश्लेषण

अगर हम साइबर ठगी के तरीकों की तुलना करें, तो रैंसमवेयर सबसे खतरनाक है। यह वायरस डेटा को एन्क्रिप्ट कर देता है, जिससे उपयोगकर्ता अपने डेटा तक नहीं पहुंच पाते हैं। इसके बाद, साइबर अपराधी फिरौती की मांग करते हैं। अन्य तरीकों में फ़िशिंग, मालवेयर और सोशल इंजीनियरिंग शामिल हैं। फ़िशिंग में, साइबर अपराधी नकली ईमेल और वेबसाइटों के माध्यम से लोगों की व्यक्तिगत जानकारी चुराते हैं। मालवेयर में, वे दुर्भावनापूर्ण सॉफ़्टवेयर के माध्यम से डिवाइस को संक्रमित करते हैं। सोशल इंजीनियरिंग में, वे लोगों को धोखा देकर उनसे जानकारी प्राप्त करते हैं।

बचाव के उपाय

साइबर ठगी से बचने के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं:

  • अनजान लिंक और अटैचमेंट न खोलें।
  • एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर का उपयोग करें।
  • ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट रखें।
  • डेटा का बैकअप लें।
  • फ़ायरवॉल चालू रखें।
  • मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें।
  • टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन एक्टिव रखें।

यदि आप साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

निष्कर्ष

त्योहारों के मौसम में साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहना आवश्यक है। अनजान लिंक और अटैचमेंट न खोलें, और सुरक्षा उपायों का पालन करें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत शिकायत दर्ज करें।