बॉलीवुड में 2025 में आई फिल्म 'गण गण मन' की समीक्षा में मनीष शर्मा ने फिल्म की कमजोर कहानी और निर्देशन पर निराशा व्यक्त की है। फिल्म में टाइगर श्रॉफ और संजय दत्त जैसे कलाकारों के होने के बावजूद, यह दर्शकों को लुभाने में विफल रही।
🎬 'गण गण मन' की कहानी: एक निराशाजनक शुरुआत
मनीष शर्मा के अनुसार, 'गण गण मन' की कहानी में वह रोमांच नहीं है जो ट्रेलर में दिखाया गया था। फिल्म के पहले भाग में सस्पेंस बनाने की कोशिश की गई, लेकिन यह दर्शकों को बांधने में असफल रही। फिल्म में एक्शन और सस्पेंस का संतुलन बिगड़ा हुआ है, जिससे यह नीरस हो जाती है। 2025 में, दर्शकों को उम्मीद थी कि यह फिल्म कुछ नया पेश करेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
📉 पटकथा और निर्देशन: कमजोर कड़ियाँ
फिल्म की पटकथा और निर्देशन दोनों ही कमजोर हैं। गजनी फिल्म से तुलना करते हुए, मनीष शर्मा बताते हैं कि 'गण गण मन' में हीरो के साथ दर्शकों का भावनात्मक जुड़ाव नहीं बन पाता। साजिद नाडियाडवाला के लेखन और निर्देशन पर सवाल उठते हैं, क्योंकि वे फिल्म को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में विफल रहे। टाइगर श्रॉफ और संजय दत्त जैसे प्रतिभाशाली अभिनेताओं के किरदारों के साथ भी न्याय नहीं किया गया।
🎭 किरदारों का प्रदर्शन: उम्मीदों पर पानी
टाइगर श्रॉफ और संजय दत्त, दोनों ही बॉलीवुड के जाने-माने नाम हैं, लेकिन 'गण गण मन' में उनके किरदारों को ठीक से नहीं उभारा गया। फिल्म में इमोशंस की कमी है, और साउथ के पैटर्न को कॉपी करने की कोशिश भी नाकाम रही। 2025 में, इस फिल्म से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन यह उन उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी।
🤔 भविष्य की राह: बॉलीवुड के लिए एक चेतावनी
मनीष शर्मा का मानना है कि साजिद नाडियाडवाला की फिल्में बॉलीवुड की बर्बादी का कारण बन रही हैं। 'गण गण मन' की असफलता बॉलीवुड के लिए एक चेतावनी है कि उसे अपनी कहानियों और निर्देशन पर ध्यान देना होगा। 2025 में, दर्शकों को अच्छी कहानियों की तलाश है, और बॉलीवुड को इस दिशा में काम करना होगा।
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